Sunday, November 21, 2010
ललिता पार्क हादसे का आरोपी सरदार अमृत पाल सिंह को कोर्ट ने १४ दिन कि न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है. लेकिन अपने पीछे वह ऐसी कहानी छोड़ गया है जिसके सामने आने पर ऍमसीडी, पुलिस और राजस्व विभाग व् राजनीति के कई सफ़ेद पोश चेहरे काले पड़ सकते हैं. कॉमन वैल्थ खेलों के साथ शुरू हुआ राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर कि लूट से परदे अभी धीरे धीरे उठना शुरू ही हुआ था कि ललिता पार्क हादसे ने सारे मामले को मलबे में दफ़न कर दिया. इस हादसे ने पूरी मीडिया का ध्यान डी राजा व कॉमन वैल्थ से हटाकर उन गरीब मजदूरों पर केन्द्रित कर दिया जिनके बारे में सरकार ना सुनना चाहती है और ना बात करना चाहती है लेकिन मीडिया का चाबुक लगातार छ दिनों तक चलता रहा और खामोसी से कराहती रही. खैर, अमृत सिंह पुलिस व दूसरी एजेंसियों के करने के लिए काफी कुछ छोड़ कर गया है. लेकिन देखने वाली बात यह होगी कि पुलिस कितना काम करना चाहती है और उसे कितना काम करने दिया जाता है.
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